*वर्ग-1 2023 के पात्र अभ्यर्थियों की पीड़ा: तीन वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा*
*मध्यप्रदेश वर्ग-1 भर्ती 2023 के पात्र अभ्यर्थी पिछले तीन वर्षों से अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि शासन द्वारा कुल 8720 पद निकाले गए थे, लेकिन उनमें से केवल 2901 पदों पर ही भर्ती की गई, जबकि शेष हजारों पद आज भी रिक्त पड़े हुए हैं। इससे हजारों योग्य एवं पात्र अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है।*
*अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को शासन और प्रशासन तक पहुँचाने के लिए हर संभव प्रयास किए। उन्होंने ज्ञापन सौंपे, जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की, सोशल मीडिया अभियान चलाए तथा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाई। इसके बावजूद जब उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो निराश होकर अभ्यर्थी माँ बगलामुखी धाम पहुँचे और वहाँ हवन-यज्ञ कर अपनी पीड़ा एवं मांगों को ईश्वर के समक्ष रखा।*
*अभ्यर्थियों का कहना है कि यह केवल नौकरी का मुद्दा नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के सपनों, परिवारों की उम्मीदों और वर्षों की मेहनत का सवाल है। कई अभ्यर्थी आर्थिक, मानसिक और सामाजिक दबाव का सामना कर रहे हैं। उनका मानना है कि जब पद पहले से स्वीकृत और रिक्त हैं, तो उन्हें भरने में देरी युवाओं के साथ अन्याय है।*
*इसी क्रम में आज “वेटिंग शिक्षक” माँ बगलामुखी धाम में अपनी अर्जी लेकर यज्ञ एवं हवन करने पहुँचे। अभ्यर्थियों ने सरकार से निवेदन किया है कि जल्द से जल्द पद वृद्धि करते हुए द्वितीय काउंसलिंग आयोजित की जाए, ताकि शेष पात्र अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति का अवसर मिल सके। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे केवल अपने अधिकार और न्याय की मांग कर रहे हैं।*
*हवन-यज्ञ के माध्यम से अभ्यर्थियों ने सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों तक अपनी आवाज पहुँचाने का प्रयास किया। उनका कहना है कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो हजारों युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो सकता है। अभ्यर्थियों ने शासन से मांग की है कि रिक्त पदों को भरते हुए जल्द दूसरी काउंसलिंग कराई जाए, ताकि लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे युवाओं को राहत मिल सके।*
*वर्ग-1 2023 के अभ्यर्थियों का संघर्ष अब केवल एक भर्ती तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह युवाओं के अधिकार, सम्मान और रोजगार की उम्मीदों की लड़ाई बन चुका है।*



1 Comments
👍 @mohanyadav
ReplyDeleteधन्यवाद,